जिसने उम्मीद के बीज बोये
  • जिसने उम्मीद के बीज बोये

    ₹20.00Price

    लेखक : जिन गिओनो

    16 pages  |  Paperback

    • About the Book

      किसी आदमी की इंसानियत का सही अंदाज लगाने के लिए उसे आरसे तक जाँचना-परखना ज़रूरी है। अगर कोई फल की इच्छा करे बगैर दूसरों की भलाई में लगा हो तो उससे अच्छा और क्या हो सकता है। यह एक ऐसी इंसान की कहानी है जिसने अपनी मेहनत और लगन से असंख्य पेड़ लगाकर धरती की तस्वीर ही बदल डाली।

       

      जीन गिओनो ने यह कहानी 1954 में वोग के लिये लिखी थी हो " मैन हु प्लान्टेड होप एंड ग्रु हैप्पीनेस" के नाम से प्रकाशित हुई। बाद में उसने अपने एक अमरीकी प्रशानसक को लिखा की उसका इस कहानी को लिखने का मकसद था की लोग पेड़ो से प्यार करे या यों कहें की वे पेड़ लगाने से प्यार करें।

       

      यह कहानी प्रकाशित होने के कुछ ही वर्षो में इतनी लोकप्रिय हुई की यह विश्व की कई भाषाओ में प्रकाशित हुई है। दुनिया की महान प्रेरणादायी पुस्तकों में से एक इस पुस्तक को पढ़कर आप भी पेड़ लगाए बिना नहीं रह पाएंगे।